गाजियाबाद में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा बैठक, बैंकों की कार्यप्रणाली पर जताई गई सख्त नाराज़गी

गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गाजियाबाद में दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने की, जिसमें विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों एवं संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान एचडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक में योजना अंतर्गत लंबित आवेदनों की बैंकवार समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि एचडीएफसी बैंक में 37, इंडियन बैंक में 60, यूको बैंक में 7, और पंजाब एंड सिंध बैंक में 28 आवेदन बैंक स्तर पर अभी भी लंबित हैं, जो कि युवाओं के भविष्य और उद्यमशीलता को लेकर गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
सीडीओ अभिनव गोपाल ने इस स्थिति पर रोष प्रकट करते हुए बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 जुलाई 2025 तक किसी भी हाल में सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण किया जाए, अन्यथा संबंधित शाखा प्रबंधकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रारंभ की गई यह योजना प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है, जिसे किसी भी सूरत में शिथिल नहीं पड़ने दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने अग्रणी जिला प्रबंधक को निर्देशित किया कि वे सभी बैंक शाखाओं से लंबित मामलों की नियमित निगरानी करें और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि बैंक और प्रशासन का यह संयुक्त दायित्व है कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाए, जिससे युवाओं को उनके व्यापार, स्टार्टअप और उद्यमिता में प्रोत्साहन मिल सके।
बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान द्वारा किया गया। उन्होंने भी बैंकों से पूरी तत्परता के साथ कार्य करने की अपील की और कहा कि यह योजना केवल रोजगार नहीं, बल्कि सशक्त उत्तर प्रदेश की नींव है।
इस समीक्षा बैठक से यह साफ संकेत गया है कि शासन स्तर से योजना की पारदर्शिता और गति पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि बैंक कितनी गंभीरता से इन निर्देशों पर अमल करते हैं और युवाओं तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचता है या नहीं।



