‘स्वस्थ जनपद’ की दिशा में पहल: 200 से अधिक क्षय रोगियों को पोषण पोटली व प्रोटीन सप्लीमेंट वितरित

गाजियाबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘क्षयरोग मुक्त भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त जिला चिकित्सालय, संजय नगर में गुरुवार को एक वृहद पोषण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, गाजियाबाद के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक क्षय (टीबी) रोगियों को पोषण पोटली और प्रोटीन पाउडर वितरित किया गया।
यह कार्यक्रम रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा गोद लिए गए 250 क्षय रोगियों के लिए मासिक सहायता योजना का हिस्सा था, जिसमें रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद ग्रेटर, आइडियल, न्यू गाजियाबाद, हिंडन तथा इनर व्हील क्लब ऑफ गाजियाबाद ग्रेटर का विशेष सहयोग रहा।
सुबह से उमड़ा उत्साह, अनुशासन में दिखी मिसाल
कार्यक्रम सुबह 10 बजे निर्धारित था, लेकिन लाभार्थी मरीज सुबह से ही अस्पताल परिसर पहुंचने लगे थे। हरे शेड के नीचे लंबी कतारों में खड़े मरीजों ने अनुशासन और संयम का परिचय दिया। अधिकांश मरीज मास्क पहनकर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते नजर आए।
पोषण के साथ इलाज को मिलेगी मजबूती
कार्यक्रम के तहत प्रत्येक मरीज को एक ‘पोषण पोटली’ के साथ प्रोटीन पाउडर का डिब्बा दिया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार टीबी के इलाज में दवाओं के साथ पौष्टिक आहार बेहद जरूरी होता है, और यह पहल मरीजों की रिकवरी में सहायक सिद्ध होगी।
विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में रेड क्रॉस के निवर्तमान सभापति डॉ. सुभाष गुप्ता, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित रोटरी क्लब और इनर व्हील क्लब के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें वरुण शर्मा, रूचि शर्मा, रिपुल तायल, सपना तायल, कपिल गुप्ता, गौरव त्यागी, प्रमोद शर्मा, धवल गुप्ता, राजेश गर्ग और सुषमा गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल रहीं। सभी ने स्वयं उपस्थित रहकर मरीजों को सामग्री वितरित की।
सुव्यवस्थित प्रबंधन और वालंटियर्स की भूमिका
अस्पताल परिसर में रेड क्रॉस के लोगो वाली सैकड़ों पोषण पोटलियां सुव्यवस्थित ढंग से रखी गई थीं। वालंटियर्स की टीम ने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित किया।
‘100 दिन के सघन अभियान’ का हिस्सा
यह पहल केंद्र सरकार के ‘100 दिन के सघन अभियान’ के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार के साथ पोषण की जिम्मेदारी भी उठाई जा रही है।

समाज के लिए संदेश
आयोजकों ने कहा कि टीबी को हराने के लिए दवा के साथ पोषण और सामाजिक सहयोग दोनों जरूरी हैं। यदि समाज का हर सक्षम व्यक्ति एक मरीज की जिम्मेदारी ले, तो ‘टीबी मुक्त भारत’ का लक्ष्य शीघ्र हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एम.सी. गौड़, आर.डी. शर्मा, डी.सी. बंसल, विपिन अग्रवाल, मनोज अग्रवाल और संजय यादव सहित कई लोगों का योगदान रहा।
स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों की इस पहल को ‘पहले पोलियो पर विजय, अब टीबी की बारी’ के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जो जनपद को स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



