गाजियाबाद के कवि नित्यानंद तुषार की ग़ज़ल को मिला बालीवुड का मंच, हरिहरन और सोहिनी डे ने दी आवाज़

मुंबई/गाजियाबाद: गाजियाबाद निवासी हिंदी के प्रतिष्ठित कवि और ग़ज़लकार नित्यानंद तुषार ने बालीवुड में अपने गीतों से एक नया मुकाम हासिल किया है। अमेरिका स्थित म्यूजिक लेबल ‘सुर म्युजिक’ के भव्य लॉन्च के अवसर पर नित्यानंद तुषार की लिखी ग़ज़ल ‘याद आती है मुझे अब भी मोहब्बत तेरी’ को पद्मश्री हरिहरन और उभरती गायिका सोहिनी डे ने अपनी आवाज़ दी।
यह भव्य कार्यक्रम मुंबई के जुहू स्थित JW Marriott होटल में आयोजित किया गया, जिसमें संगीत और फिल्म जगत की नामचीन हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में पद्मविभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया, पदमश्री गायक हरिहरन, गायक जावेद अली, रूप कुमार राठौड़, सुनाली राठौड़, और प्रसिद्ध पटकथा लेखक रूमी जाफरी जैसे दिग्गज शामिल थे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार मुख्य अतिथि थे।
सुर म्युजिक लेबल, जो बॉलीवुड और हॉलीवुड के बीच सांस्कृतिक पुल का काम करेगा, ने अपनी पहली प्रस्तुति के लिए नित्यानंद तुषार की ग़ज़ल को चुना, जिसे एल.एम. स्टूडियो और कृष्णा स्टूडियो में रिकॉर्ड किया गया। इसका निर्देशन हसनैन हैदराबादवाला ने किया है और यह गीत विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है।
ग्राम देवटा (जिला बुलंदशहर) में जन्मे और प्रताप विहार, गाजियाबाद में वर्षों से रहने वाले नित्यानंद तुषार ने उत्तर प्रदेश सरकार में एक वरिष्ठ सिविल इंजीनियर के रूप में सेवाएं दी हैं। सेवा निवृत्ति के बाद वे मुंबई में साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। उनकी कई ग़ज़लें और गीत पहले भी ज़ी म्यूजिक और अन्य मंचों पर रिलीज़ हो चुकी हैं।


इनकी ग़ज़ल ‘मैंने कुछ समझा नहीं था, तुमने कुछ सोचा नहीं’, जिसे संगीतकार शमीर टंडन ने संगीतबद्ध किया और गायिका निकिता गांधी ने आवाज़ दी थी, Zee Music से नवंबर 2023 में रिलीज़ हुई थी और Red FM के टॉप इंडी ग़ज़ल 2023 में पहला स्थान प्राप्त किया।
नित्यानंद तुषार के चर्चित ग़ज़ल संग्रहों में दूरियों के दिन, सितम की उम्र छोटी है, तेरे बग़ैर, हम कहाँ हैं, अगर साथ दो शामिल हैं। वे आकाशवाणी और दूरदर्शन सहित देश के कई प्रतिष्ठित मंचों पर काव्य पाठ कर चुके हैं और उनकी रचनाएं कादम्बिनी, सरिता, हंस, साहित्य अमृत सहित देशभर की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं।
इस गीत में उनके साथ आवाज़ देने वाली सोहिनी डे मूलतः असम के गुवाहाटी की रहने वाली हैं और Battle of Bands (Doordarshan) की विजेता रह चुकी हैं। उन्होंने पद्मश्री हरिहरन के साथ इस ग़ज़ल के माध्यम से बॉलीवुड में डेब्यू किया है।
संगीतकार राजीव महावीर और अमेरिका की उद्यमी सुवर्णा पप्पू द्वारा स्थापित सुर म्युजिक लेबल भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर लाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। महावीर परिवार की संगीत विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस कार्यक्रम में क्रिएटिव डायरेक्टर संदीप, कौशल, समीर, यश, मल्हार, वैष्णवी और जाह्नवी महावीर सहित आशा महावीर भी उपस्थित थीं।
इस मौके पर नित्यानंद तुषार ने कहा, “यह मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है कि मेरी ग़ज़ल को इतनी प्रतिष्ठित आवाज़ों और मंच के माध्यम से श्रोताओं तक पहुंचने का अवसर मिला है। यह हिंदी कविता और ग़ज़ल की शक्ति का प्रमाण है कि वह सिनेमा और संगीत की दुनिया में भी अपनी जगह बना सकती है।”
गाजियाबाद के साहित्यिक और सांस्कृतिक हलकों में इस उपलब्धि को गर्व का विषय माना जा रहा है। निस्संदेह, नित्यानंद तुषार की रचनात्मक यात्रा आने वाले समय में हिंदी साहित्य को और भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।



