उप्र विधान परिषद की समिति ने मेरठ और हापुड़ में विकास कार्यों की समीक्षा की

मेरठ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति के सभापति आशुतोष सिन्हा की अध्यक्षता में आज विकास भवन सभागार में जनपद मेरठ और हापुड़ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समिति ने विभिन्न प्रकरणों, जैसे अवैध अतिक्रमण, नियुक्तियों की जांच आदि के संबंध में संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि शेष लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित कर दिया जाएगा।
समिति ने प्रदेश के विभिन्न सम्प्रदायों और जातियों के बीच सद्भाव उत्पन्न करने, सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन करने की भावना को मजबूत करने, अपराधों में संलिप्त होने की दशा में की गई कार्रवाई, अनुसूचित जाति के परिवारों के साथ उत्पीड़न की घटनाएं, महिलाओं के शोषण, उत्पीड़न, दहेज, बलात्कार, हत्याओं पर की गई कार्यवाही और छात्रवृत्ति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जीएसटी की बकाया वसूली और पैनाल्टी के संबंध में समीक्षा करते हुए समिति ने निर्देश दिए कि किसी भी दशा में व्यापारियों का उत्पीड़न न किया जाए। समिति ने व्यापारियों की सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्था के बारे में भी पूछा।
समिति ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान और जनपद में पकड़ी गई अवैध शराब के बारे में जानकारी प्राप्त की। समिति ने कहा कि इस तरह के अभियान लगातार चलाते हुए सुनिश्चित किया जाए कि जनपदों में कहीं पर भी अवैध और कच्ची शराब की बिक्री न हो ताकि जहरीली शराब से होने वाली जनहानि से बचा जा सके और राजस्व में वृद्धि हो सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि अवैध शराब के विरुद्ध समय-समय पर कार्यवाही की जाती है।
समिति ने विभिन्न सम्प्रदायों और जातियों के बीच सद्भाव उत्पन्न करने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि त्योहारों से पूर्व पीस कमेटी की बैठक आहूत की जाती है और समाज में सद्भाव स्थापित करने के लिए सिविल डिफेन्स का भी सहयोग लिया जाता है। समिति ने निर्देश दिए कि जनपद के बाल संरक्षण गृह और महिला सुधार गृहों में रखरखाव की उचित व्यवस्था के साथ ही उच्च गुणवत्ता की खाद्य सामग्री का प्रयोग किया जाए।
समिति ने जनपद में ग्राम समाज और नजूल की मुक्त और कब्जे वाली भूमि की जानकारी प्राप्त की। समिति ने अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही के बारे में भी जाना। जिलाधिकारी ने बताया कि विगत वर्ष गंगा किनारे की जमीन कब्जामुक्त कराकर वन विभाग को सौंप दी गई। इटायरा में जमीन मुक्त कराकर गृह विभाग को तथा हस्तिनापुर में भूमि कब्जामुक्त करायी गयी है साथ ही चारागाहों की भूमि कब्जामुक्त कराने हेतु कार्यवाही अमल में लायी जाती है।
समिति ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या और छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्रम विभाग के अधिकारी से श्रमिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किए गए कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। समिति ने कहा कि श्रमिकों का पंजीकरण कर उनको योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।


