सांसद अरुण गोविल ने जिला अधिकारी से मेरठ के ऋण-जमा अनुपात में सुधार की आवश्यकता पर की चर्चा

मेरठ: मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल ने आज मेरठ जिले के जिला अधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात की और जिले के ऋण-जमा अनुपात को लेकर विस्तृत चर्चा की। वर्तमान में मेरठ का ऋण-जमा अनुपात 53.27 प्रतिशत है, जो कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित 59 प्रतिशत के मानक से कम है। इस संदर्भ में सांसद गोविल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस अनुपात में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सांसद अरुण गोविल ने जिले में आर्थिक सुधार और विकास की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर मीट में 31,000 करोड़ रुपये के मैमोरेण्डम ऑफ अंडरस्टैण्डिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो जिले के ऋण-जमा अनुपात में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने 2024 में एक विशेष ऋण मेले के आयोजन का प्रस्ताव दिया, जिससे जिले के छोटे और मध्यम उद्यमियों को लाभ मिल सके और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो।
जिले के विकास की प्रतिबद्धता जताते हुए सांसद गोविल ने कहा, “मेरठ जिले के समग्र विकास के लिए ऋण-जमा अनुपात में सुधार आवश्यक है। इससे न केवल जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भविष्य में निवेश की संभावनाओं को भी बल मिलेगा।” उन्होंने इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही और जिला अधिकारी को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।
जिला अधिकारी दीपक मीणा ने सांसद गोविल को भरोसा दिलाया कि जिले के ऋण-जमा अनुपात में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने 2024 में ऋण मेले के आयोजन की योजना पर भी जोर दिया और जिले के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का वचन दिया।
मेरठ के लिए इस तरह के कदमों से जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है, और आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह क्षेत्र और भी आकर्षक बन सकता है।



