सरकारी प्राइमरी स्कूल वैद्यबाड़ा में मासूम बच्चों को जबरन मांस खिलाने का आरोप, शिक्षक हिरासत में

मेरठ: शहर के कोतवाली क्षेत्र में स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल वैद्यबाड़ा में आज एक विवादास्पद घटना सामने आई, जिसने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। स्कूल के हेड मास्टर मोहम्मद इकबाल पर आरोप है कि उन्होंने दो हिंदू बच्चों को जबरन मांस खिलाया। यह घटना तब प्रकाश में आई जब बच्चों ने घर पहुंचकर अपने नाना को पूरी कहानी सुनाई।
वैद्यबाड़ा के इस सरकारी स्कूल में मोहम्मद इकबाल अकेले शिक्षक के रूप में तैनात हैं, जहां 20 मुस्लिम बच्चे रजिस्टर्ड हैं। स्कूल में दो हिंदू बच्चे भी आते थे, जिनमें से एक मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग है।
आज मिड डे मील के दौरान आलू की सब्जी बनी थी, लेकिन मोहम्मद इकबाल ने अचानक एक बच्चे को देखकर बाजार से मांस मंगवाया और दोनों हिंदू बच्चों को मांस खाने का ऑफर दिया। बड़े बच्चे ने मांस खाने से इनकार कर दिया, लेकिन शिक्षक ने दिव्यांग छोटे बच्चे को जबरदस्ती मांस खिला दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद, बच्चों के परिवारवालों ने स्थानीय पार्षद पंकज गोयल के साथ कोतवाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हेड मास्टर मोहम्मद इकबाल को हिरासत में ले लिया।


बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना ने थाने पहुंचकर मामले की जांच की और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। उन्होंने घटना को गंभीर मानते हुए कहा कि शिक्षक द्वारा बच्चों का धर्म भ्रष्ट करने का प्रयास किया गया है और इसके लिए मोहम्मद इकबाल के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई के लिए बीएसए को लिखा जा रहा है। सस्पेंशन के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
इस घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के नेता भी परिवार के साथ थाने पहुंचे और पुलिस से आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की तहरीर लिखते हुए केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दोनों बच्चे, जिनके साथ यह घटना हुई, संभवतः दलित समाज से आते हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और भी बढ़ गई है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है, और लोग शिक्षा विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।


