मेरठ मेडिकल कॉलेज में पहली बार मिनिमली इनवेसिव “DAA हिप रिप्लेसमेंट” सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न

मेरठ : लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज, मेरठ ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मेडिकल कॉलेज में पहली बार “मिनिमली इनवेसिव डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच (DAA) हिप रिप्लेसमेंट” सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह सर्जरी सहारनपुर निवासी 22 वर्षीय अमित (बदला हुआ नाम) पर की गई, जो पिछले छह महीनों से बाएं कूल्हे के दर्द और जकड़न से पीड़ित थे।
विशेष तकनीक का इस्तेमाल
अमित ने मेरठ मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक एवं स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ कृतेश मिश्रा से संपर्क किया। जांच में एवीएन हिप (एवस्कुलर नेक्रोसिस) नामक बीमारी का पता चला, जिसके बाद उनके कूल्हे का प्रत्यारोपण किया गया। इस जटिल प्रक्रिया को “DAA हिप रिप्लेसमेंट” तकनीक से अंजाम दिया गया। इस विधि में कूल्हे के सामने से छोटा चीरा लगाकर बिना किसी मांसपेशी या टेंडन को अलग किए प्रत्यारोपण किया जाता है।
डॉ मिश्रा ने बताया कि यह तकनीक अब तक केवल दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में ही उपलब्ध थी और इसे देश के कुछ ही विशेषज्ञ सर्जन करते हैं। इस सर्जरी के बाद मरीज़ ऑपरेशन के अगले ही दिन चलने में सक्षम हो गया और अब पूरी तरह स्वस्थ है।

DAA हिप रिप्लेसमेंट के लाभ
- ऑपरेशन में कम रक्तस्राव।
- हिप डिस्लोकेशन की कम संभावना।
- पैर की लंबाई में अंतर न आना।
- जल्दी रिकवरी और सामान्य जीवनशैली पर शीघ्र वापसी।
- मरीज़ को अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिलना।
अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ज्ञानेश्वर टोंक ने बताया कि पारंपरिक हिप रिप्लेसमेंट तकनीकों के मुकाबले DAA में दर्द और रिकवरी का समय काफी कम होता है।

ऑपरेशन टीम की प्रशंसा
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर. सी. गुप्ता ने सर्जरी को सफल बनाने वाली टीम को बधाई दी। ऑपरेशन टीम में डॉ रेहमान, डॉ सचिन, और एनेस्थीसिया विभाग से डॉ प्रमोद व डॉ गौरी शामिल रहे।
यह उपलब्धि मेडिकल कॉलेज मेरठ की चिकित्सा सेवाओं के बढ़ते स्तर और तकनीकी उन्नति का प्रमाण है, जो इसे क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी बना रहा है।



