“क्रांति गाथा” नृत्य नाटिका ने मंत्रमुग्ध किया दर्शकों को; 1857 की क्रांति का स्मरणोत्सव वीरों को नमन

- मेरठ में “1857 की क्रांति का स्मरणोत्सव वीरों को नमन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
- कार्यक्रम में शिवांगी संगीत महाविद्यालय के कलाकारों ने “क्रांति गाथा” नृत्य नाटिका प्रस्तुत की।
- “क्रांति गाथा” में 1857 की क्रांति की कहानी को नृत्य के माध्यम से दर्शाया गया।
- कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- सभी अतिथियों ने “क्रांति गाथा” की प्रशंसा की।
मेरठ: शुक्रवार को “क्रांति दिवस” के उपलक्ष्य में “1857 की क्रांति का स्मरणोत्सव वीरों को नमन” कार्यक्रम का आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ज़िला प्रशासन, मेरठ एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम में शिवांगी संगीत महाविद्यालय के कलाकारों द्वारा कथक नृत्य संरचना “क्रांति गाथा” की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। “क्रांति गाथा” नृत्य नाटिका में 1857 की क्रांति की कहानी को नृत्य के माध्यम से भावपूर्ण चित्रण किया गया। इसमें आजादी का अमृत महोत्सव, वंदे मातरम और तराना जैसी रचनाओं का समावेश था। नृत्य संरचना “क्रांति गाथा” का संयोजन शिवांगी संस्थान की निर्देशिका ऋचा शर्मा द्वारा किया गया।कथक गुरु रुचि बलूनी ने नृत्य की प्रस्तुति दी। राजा बलूनी और सप्तक शर्मा ने संगीत सहयोग दिया।मंच का संचालन डॉ. मीनाक्षी शास्त्री ने किया।
कार्यक्रम में ए डी जे डी के ठाकुर, सीडीओ नुपुर गोयल, सीडीए, मेरठ मिनिश्री बिष्ट सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने शिवांगी संगीत महाविद्यालय द्वारा प्रस्तुत “क्रांति गाथा” की प्रशंसा की।



