मेरठ (उत्तर प्रदेश): मेरठ के पल्लवपुरम इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की पल्हैड़ा शाखा के लॉकर से एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर के 20 लाख रुपये के गहने गायब हो गए हैं।
पीड़ित का दावा:
रिटायर्ड बैंक मैनेजर सलीमुद्दीन खान ने बताया कि उन्होंने 2006 में एसबीआई की पल्हैड़ा शाखा में लॉकर लिया था। लॉकर में उन्होंने अपनी पत्नी, बेटे, बेटी और पुत्रवधू के सोने, चांदी और हीरे के गहने रखे थे। 21 मई को जब वह अपनी बेटी के साथ लॉकर खोलने पहुंचे तो उन्हें लॉकर खुला मिला और अंदर रखे सभी गहने गायब थे। रिटायर्ड बैंक मैनेजर की बेटी मुंबई से आई हुई है और शादी में जाने के लिए उसे गहनों की जरूरत थी. वो बेटी के साथ बैंक पहुंचे तो सभी गहने गायब थे। ये देखकर उनके होश उड़ गए। सलीमुद्दीन का आरोप है कि उन्होंने जब बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों से बात की सबने पल्ला झाड़ लिया, बोले हमें क्या पता।

बैंक का दावा:
एसबीआई की पल्हैड़ा शाखा प्रबंधक रश्मि का कहना है कि चोरी के आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि सलीमुद्दीन और उनकी बेटी दो साल तीन महीने बाद बैंक आए थे और 21 मई को भी दोनों बार उनके रजिस्टर में इन और आउट की एंट्री है।
इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
पल्हैड़ा स्थित एसबीआई बैंक से सेवानिवृत्त सलीमुद्दीन खान के बैंक लॉकर से चोरी हुए 20 लाख के गहने ने बैंक की सुरक्षा की पोल खोल दी। बैंक के लॉकर से जेवर कैसे गायब हुए यह भी एक बड़ा सवाल है? सलीमुद्दीन ने बैंक के लॉकर से जेवर निकाले नहीं तो आखिर जेवर कहां गए? लॉकर में खाता धारक व बैंक की चॉबी से ही लॉकर ऑपरेट होता है। सवाल यह उठता है कि खाता धारक की चॉबी के बिना लॉकर कैसे खुला?
एसबीआई के लॉकर से 20 लाख रुपये के गहने गायब होने का मामला बेहद गंभीर है। सीओ दौराला शुचिता सिंह ने पीड़ित सलीमुद्दीन से पूछताछ की है और मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। मामला संदिग्ध है। बुधवार को दोनों पक्षों को सीओ कार्यालय पर बुलाया गया है। शाखा प्रबंधक से भी बात हुई है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। – शूचिता सिंह, सीओ दौराला


