मेरठ में 151 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न, मुख्यमंत्री योजना का लाभ मिला

मेरठ : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत मंगलवार को रॉयल ग्रैंड मंडप, खरखौदा, मेरठ में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 121 हिंदू और 30 मुस्लिम जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। कुल मिलाकर 151 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सदस्य विधान परिषद अश्वनी त्यागी और राज्यमंत्री प्रतिनिधि संजीव गोयल सिक्का उपस्थित रहे। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किया।
सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह संपन्न कराना और उनके गृहस्थ जीवन को प्रारंभ करने में मदद करना है। योजना के तहत मेरठ जिले को 1495 जोड़ों का लक्ष्य दिया गया है। अब तक 696 कन्याओं का विवाह उनके रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न किया जा चुका है।
आर्थिक सहायता और सुविधाएं
योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े पर ₹51,000/- की धनराशि व्यय की जाती है। इसमें से:
- ₹35,000/- सीधे कन्या के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं।
- ₹10,000/- गृह उपयोगी सामग्री (जैसे बर्तन, बिस्तर आदि) के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
- ₹6,000/- विवाह कार्यक्रम के आयोजन पर व्यय किए जाते हैं।
आगामी कार्यक्रम
जिला प्रशासन द्वारा योजना के तहत 23 जनवरी 2025 को भावना फार्म, परीक्षितगढ़, मेरठ और 24 जनवरी 2025 को अवतार एस्टेट फार्म हाउस एंड वेडिंग वेन्यू, कुराली धर्मशाला, बागपत रोड, मेरठ में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति योजना की वेबसाइट https://cmsvy.upsdc.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विशिष्ट अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शैलेश राय, खंड विकास अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह, बृजेश कुमार, मदन मोहन गौतम, सहायक विकास अधिकारी अनिल कुमार और समाज कल्याण विभाग के समस्त क्षेत्रीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
समाज कल्याण की पहल का उत्साह
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने योजना की सराहना की। यह आयोजन न केवल नवविवाहित जोड़ों के जीवन की नई शुरुआत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, बल्कि यह समाज में समानता और सौहार्द का संदेश भी देता है।


