‘सेफर इंटरनेट डे’ पर मेरठ में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित

मेरठ। विश्व स्तरीय ‘सेफर इंटरनेट डे’ के अवसर पर National Informatics Centre (एनआईसी) के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभागार, मेरठ में एक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह ने की।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रत्येक वर्ष फरवरी के दूसरे मंगलवार को ‘सेफर इंटरनेट डे’ मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस 10 फरवरी 2026 को
“स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग” विषय के साथ मनाया जा रहा है।
क्यूआर कोड स्कैम को लेकर विशेष चेतावनी
अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में क्यूआर कोड से जुड़े बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्यूआर कोड के माध्यम से केवल भुगतान किया जा सकता है, पैसे प्राप्त नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड स्कैन कर पैसा मिलने का दावा करने वाले संदेश और कॉल पूर्णतः फर्जी होते हैं।
फिशिंग, विशिंग और स्मिशिंग से बचने के बताए तरीके
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी संजय कुमार शर्मा ने फिशिंग, विशिंग और स्मिशिंग जैसे साइबर खतरों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा संदिग्ध कॉल या संदेशों से सावधान रहें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। साथ ही उन्होंने ओटीपी, बैंक खाता संख्या और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की।
कार्यशाला के दौरान अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सौरभ कुमार द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक समझ विकसित हो सकी।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर बजरंग प्रसाद (सहायक पुलिस अधीक्षक), अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुदामा वर्मा, अतिरिक्त नगर मजिस्ट्रेट सत्य प्रकाश सिंह (नगर मजिस्ट्रेट) सहित जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी स्टाफ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे स्वयं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं और अपने कार्यालयों व परिवारों में भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएं।


