सुभारती विश्वविद्यालय में शैक्षणिक विमर्श, संकाय संवाद एवं नवाचार सत्र

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सम्मेलन कक्ष में “शैक्षणिक विमर्श एवं संकाय संवाद सत्र” का सफल आयोजन किया गया। सत्र का उद्देश्य वैज्ञानिक संवाद को प्रोत्साहित करना, साक्ष्य-आधारित शोध चर्चाओं को बढ़ावा देना तथा कृषि एवं जैविक विज्ञान के क्षेत्र में समकालीन चुनौतियों और नवाचारों पर विचार-विमर्श करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर आर. के. जैन के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने अकादमिक संवाद को अनुसंधान, नवाचार और अंतर्विषयक सहयोग के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। सत्र का उद्घाटन डीन–अनुसंधान एवं विकास प्रोफेसर डॉ. वैभव गोयल भारतीया सहित गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर डॉ. शाल्या राज ने परिणामोन्मुख, सामाजिक रूप से प्रासंगिक एवं प्रभावशाली शोध पर बल देते हुए विश्वविद्यालय में सशक्त अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य वक्ता ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. के. पी. रमेशा, पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक, ICAR–National Dairy Research Institute, Bengaluru रहे। उन्होंने डेयरी विज्ञान, पशु प्रजनन, सतत पशुधन विकास तथा अनुप्रयुक्त एवं अंतर्विषयक अनुसंधान के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला।
मुख्य भाषण के पश्चात आयोजित इंटरैक्टिव संकाय संवाद सत्र में शोध पद्धतियों, नवाचार रणनीतियों, वित्त पोषण अवसरों तथा नीति-आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान पर चर्चा हुई, जिसमें कुल 43 संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।
इस अवसर पर सुभारती मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. महेश कुमार मित्तल, सुभारती डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य प्रोफेसर निखिल श्रीवास्तव, अतिरिक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. लुभान सिंह, अतिरिक्त निदेशक (फंडिंग एवं ग्रांट्स) प्रोफेसर संगीता दयाल, जीवन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी कुमार तथा आई.पी.आर. सेल प्रभारी डॉ. निशा राणा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समापन पर धन्यवाद ज्ञापन डीन–अनुसंधान एवं विकास डॉ. वैभव गोयल भारतीया ने प्रस्तुत किया।
नवाचार, आई.पी.आर. एवं प्रोटोटाइप विकास सत्र; PlusX Electric ई-साइकिल का शुभारंभ
इसी क्रम में विश्वविद्यालय में नवाचार, बौद्धिक संपदा अधिकार (आई.पी.आर.) एवं प्रोटोटाइप विकास पर केंद्रित विशेष शैक्षणिक सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञ वक्ता के रूप में बंसल आईपी एसोसिएट्स, पंजाब से डॉ. परिक्षित बंसल एवं श्रीमती कोमल बंसल ने सहभागिता की। सत्र का उद्देश्य नवाचार-आधारित उत्पाद विकास, पेटेंट फाइलिंग, बौद्धिक संपदा संरक्षण तथा व्यावसायीकरण की व्यावहारिक रणनीतियों से संकाय व शोधकर्ताओं को अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुनः प्रो. आर. के. जैन के स्वागत संबोधन से हुआ तथा औपचारिक उद्घाटन डॉ. वैभव गोयल भारतीया द्वारा किया गया। प्रो. डॉ. शाल्या राज ने उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
हरित पहल: PlusX Electric ई-साइकिल लॉन्च
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण परिसर में PlusX Electric की ई-साइकिलों का शुभारंभ रहा। यह पहल पर्यावरण-अनुकूल परिवहन, कार्बन उत्सर्जन में कमी, स्वच्छ ऊर्जा आधारित समाधानों को बढ़ावा और हरित नवाचार को समर्थन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर कंपनी के सीईओ (इंडिया) शिवम सरीन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समापन पर धन्यवाद ज्ञापन डीन–अनुसंधान एवं विकास प्रो. डॉ. वैभव गोयल भारतीया ने प्रस्तुत किया। यह सत्र विश्वविद्यालय में नवाचार, आई.पी.आर. जागरूकता, प्रोटोटाइप विकास और सतत प्रथाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।


