सुभारती विश्वविद्यालय में “वीव्स ऑफ़ इंडिया” प्रदर्शनी: छात्रों ने सीखी पारंपरिक बुनाई की बारीकियां

मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय में फैकल्टी ऑफ़ फाइन आर्ट्स के फैशन एवं टेक्सटाइल डिज़ाइन विभाग ने वीवर्स सर्विस सेंटर, मेरठ के सहयोग से “वीव्स ऑफ़ इंडिया: जीआई हैंडलूम प्रदर्शनी” का आयोजन किया। यह प्रदर्शनी 21 अगस्त को विश्व फैशन दिवस और 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गई।
इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) पी.के. शर्मा, माननीय सीईओ प्रो. (डॉ.) शाल्या राज, डीन प्रो. (डॉ.) पिंटू मिश्रा और विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा सिंह ने शिल्पकारों की कला और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में उनके योगदान की सराहना की।
प्रदर्शनी में बनारसी ब्रोकैड, पश्मीना शॉल और जामदानी साड़ियों जैसे जीआई टैग वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। छात्रों ने इन बुनकरों से सीधा संवाद किया और पारंपरिक बुनाई की बारीकियों को समझने के साथ ही उन्हें समकालीन फैशन में अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की।
यह आयोजन शिल्पकारों और अकादमिक जगत के बीच एक सेतु साबित हुआ। भारतीय हथकरघा परंपरा को गर्व और नवाचार के साथ प्रस्तुत करते हुए इसने न केवल शिल्पकारों के हुनर को मंच दिया बल्कि छात्रों को भारतीय कला और डिज़ाइन की गहराई से अवगत कराया।
फैकल्टी सदस्यों , सुश्री श्रद्धा यादव, डॉ. अर्पणा कंबोज, सुश्री अनीशा आनंद, सुश्री देवसुनी, डॉ. सुरभि दास, सुश्री अभिलाषा, सुश्री शैलजा सिंधाय, सुश्री मोनिका, सुश्री शबनम शब्बीर और श्री राघवेन्द्र मोहन पाठक — ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया और छात्रों का मार्गदर्शन किया।
सुभारती विश्वविद्यालय में हुई यह प्रदर्शनी भारतीय हथकरघा की समृद्ध परंपरा और उसकी आधुनिक उपयोगिता को नई पहचान दिलाने वाला एक अनूठा प्रयास साबित हुई।


