बुलंदशहर में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली में कैंटर की टक्कर, 9 की मौत, 42 घायल

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में बीती रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। थाना अरनिया क्षेत्र के अरनिया बाईपास (बुलंदशहर-अलीगढ़ बॉर्डर) पर देर रात करीब 2:10 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और कैंटर ट्रक (HR 38 X 8195) की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिसमें सवार 61 यात्रियों में से 9 लोगों की मौत हो गई और करीब 42 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, सभी यात्री ग्राम रफातपुर थाना सोरों, जनपद कासगंज से धार्मिक यात्रा पर राजस्थान के जहारपीर जा रहे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली को डबल डेकर की तरह बनाया गया था और इसी में सभी लोग सवार थे। पीछे से आ रहे कैंटर ट्रक ने अचानक तेज रफ्तार में टक्कर मार दी, जिससे यात्रियों से भरी ट्रॉली पलट गई और चीख-पुकार मच गई।
मौके पर मची अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही थाना अरनिया पुलिस और आसपास की थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत कैलाश अस्पताल खुर्जा, सीएचसी जटिया और सीएचसी मुनि अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर घायलों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल बुलंदशहर रेफर किया गया।
वर्तमान में 10 घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में, 10 घायलों का जिला अस्पताल बुलंदशहर में और 23 घायलों का कैलाश अस्पताल खुर्जा में चल रहा है। इनमें से 2 की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है, जबकि अन्य की स्थिति सामान्य है।
मृतकों की पहचान
- ईयू बाबू (40 वर्ष), निवासी मिलकिनिया, थाना सोरों, जनपद कासगंज (ट्रैक्टर चालक)
- रामबेटी पत्नी सोरन सिंह (65 वर्ष), निवासी रफातपुर, थाना सोरों, जनपद कासगंज
- चांदनी पुत्री कालीचरण (12 वर्ष), निवासी रफातपुर, थाना सोरों, जनपद कासगंज
- घनीराम (40 वर्ष), निवासी मिलकिनिया, थाना सोरों, जनपद कासगंज
- मोक्षी (40 वर्ष), निवासी मिलकिनिया, थाना सोरों, जनपद कासगंज
- शिवांश पुत्र अजय (6 वर्ष), निवासी मिलकिनिया, थाना सोरों, जनपद कासगंज
- योगेश पुत्र रामप्रकाश (50 वर्ष), निवासी रफातपुर, थाना सोरों, जनपद कासगंज
- विनोद पुत्र सोरन सिंह (45 वर्ष), निवासी रफातपुर, थाना सोरों, जनपद कासगंज
कैंटर वाहन पुलिस कब्जे में
हादसे में शामिल कैंटर (HR 38 X 8195) की पहचान संध्या पत्नी संदीप, निवासी फरीदाबाद (हरियाणा) के नाम पर हुई है। यह धान की भूसी से लदा हुआ था। वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क पर ओवरलोडिंग, लापरवाही और तेज रफ्तार के घातक परिणामों की ओर इशारा करता है। धार्मिक यात्रा पर निकले सैकड़ों लोगों के लिए यह त्रासदी हमेशा यादगार दर्द बन गई।


