बनारस में मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण व अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति टूटने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, शंकराचार्य के अपमान पर भी जताया रोष

बुलंदशहर। वाराणसी में ऐतिहासिक धरोहर मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को नुकसान पहुंचने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी, बुलंदशहर ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे “करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान” करार दिया। इसी के साथ प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित अभद्रता और उनके अनुयायियों पर लाठीचार्ज को लेकर भी कांग्रेस ने आक्रोश जताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
“1791 में अहिल्याबाई होलकर ने कराया था जीर्णोद्धार”
ज्ञापन में कांग्रेस ने दावा किया कि 10 जनवरी 2026 को वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट को अचानक ध्वस्त कर दिया गया। कांग्रेस के अनुसार यह घाट वर्ष 1791 में माता अहिल्याबाई होलकर द्वारा जीर्णोद्धारित कराया गया था और इसका ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व अत्यंत व्यापक है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण के बाद माता अहिल्याबाई होलकर की पवित्र व ऐतिहासिक मूर्तियां मलबे में दबी पड़ी हैं, जो श्रद्धालुओं की भावनाओं पर गहरा आघात है। पार्टी ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के विरोध में अहिल्याबाई होलकर चैरिटिज ट्रस्ट, इंदौर द्वारा भी आपत्ति दर्ज कराई गई है।
प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ कथित अभद्रता पर नाराजगी
कांग्रेस ने प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ पुलिस द्वारा कथित अभद्रता और उनके अनुयायियों पर लाठीचार्ज को “शर्मनाक” बताया।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि—
- मणिकर्णिका घाट और अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति से जुड़े पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
- घाट का पुनर्निर्माण और मूर्ति की पुनर्स्थापना की जाए
- सौंदर्याकरण का कार्य काशी के धर्माचार्यों और काशीवासियों से विचार-विमर्श के बाद ही कराया जाए
- प्रयागराज में शंकराचार्य से कथित अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई हो
“भाजपा सरकार में मंदिर-मूर्ति टूटना शर्मनाक”
कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि देश और प्रदेश में भाजपा सरकार खुद को हिंदूवादी बताती है, लेकिन इसके बावजूद हजारों वर्ष पुराने मंदिर और मूर्तियों को नुकसान पहुंचना “शर्मनाक” है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बनारस और प्रयागराज की घटनाओं को लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए।
पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनोज शर्मा, सुभाष शर्मा (चेयरमैन) और प्रशांत बाल्मिकी ने भी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बनारस में ध्वस्तीकरण और प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुआ व्यवहार पूरे देश ने देखा है।
कांग्रेस नेताओं साजिद चौधरी, नईम मंसूरी, मुनीर अकबर, देशदीपक भारद्वाज और सचिन पंडित ने कहा कि भाजपा का चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान सुभाष गांधी, सुभाष शर्मा, शिवकुमार शर्मा, प्रशांत बाल्मिकी, शकील अहमद, आशू कुरैशी, मनोज शर्मा, साजिद चौधरी, साजिद गाजी, अनिल शर्मा, मजहर अली, साहिल, राजेंद्र कुमार, योगेंद्र शर्मा, जेपी शर्मा, देशदीपक भारद्वाज, कुंवर आदिल अली, इशरत जहां, सादिक सैफी, इस्लामुद्दीन सैफी, नरेश शर्मा, स्वामी हरेंद्र राघव, प्रेम जाटव, एसपी सिंह राजौरा, महेंद्र चौधरी, राजपाल सिंह, किरणपाल शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



