Meerut

त्रिवेणी चीनी मिल में गन्ना किस्मों की वैज्ञानिक पहचान पर विशेष प्रशिक्षण, 20 जनवरी से शुरू होने वाले सर्वे के लिए दिए गए निर्देश

बुलन्दशहर। गन्ना विकास, आपूर्ति एवं सर्वे प्रणाली में पारदर्शिता, शुद्धता और किसान-हितैषी व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से गन्ना किस्मों की वैज्ञानिक पहचान पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को त्रिवेणी चीनी मिल, साबितगढ़ (जनपद-बुलन्दशहर) के सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने की।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य गन्ना सर्वे से जुड़े अधिकारियों एवं गन्ना पर्यवेक्षकों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना तथा गन्ना किस्मों की सही और वैज्ञानिक पहचान सुनिश्चित करना रहा।

भौतिक संरचना के आधार पर दी गई व्यावहारिक जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा गन्ना किस्मों की पहचान हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसमें गन्ने की भौतिक संरचना जैसे—

  • डंठल (स्टेम)
  • पत्ती
  • गांठ और आँख
  • रंग
  • पत्तियों की बनावट
  • पोरियों का रंग
  • वृद्धि अवस्था

के आधार पर पहचान करने की प्रक्रिया को समझाया गया। साथ ही गन्ना की विभिन्न प्रजातियों को लेकर भी गहन प्रशिक्षण दिया गया।

20 जनवरी से शुरू होने वाले खेत गन्ना सर्वे को लेकर निर्देश

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों को 20 जनवरी 2026 से प्रारम्भ होने वाले खेत गन्ना सर्वे के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, ताकि सर्वे कार्य समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जा सके।

“वैज्ञानिक पहचान से सर्वे की विसंगतियां होंगी दूर”

अध्यक्षीय संबोधन में उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने कहा कि गन्ना किस्मों की सही पहचान से न केवल सर्वे में आने वाली विसंगतियों का समाधान होगा, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था, पेराई प्रक्रिया, भुगतान प्रणाली और कृषक हितों को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा,
“आज आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गन्ना विकास व्यवस्था को वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

“फील्ड में ईमानदारी से करें ज्ञान का उपयोग”

जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल कुमार भारती ने प्रशिक्षणार्थियों से अपेक्षा जताते हुए कहा कि यहां दी गई जानकारी केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि पूरी तरह व्यावहारिक और फील्ड-उपयोगी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस ज्ञान का उपयोग खेत सर्वे कार्य में निष्ठा, ईमानदारी और किसान हित को केंद्र में रखकर करें।

कई विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मेरठ परिक्षेत्र के आरओ, गन्ना विकास निरीक्षक, उपक्रम प्रबंधक, चीनी मिल के तकनीकी अधिकारी, गन्ना पर्यवेक्षक तथा अन्य विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने इसे प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी, वैज्ञानिक और पारदर्शी गन्ना विकास नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे गन्ना विकास प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी।

Munish Kumar

Munish is a senior journalist with more than 18 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites, has extensively contributing to The Times of India, Delhi Times, Wire, ANI, PTI, Nav Bharat Times & Business Byte and is now associated with Local Post as Editor

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