क्या मुस्लिमों को चुनाव में टिकट नहीं देना राजनीतिक मजबूरी है? जानिए अमित शाह ने इस सवाल का क्या दिया जवाब

यूपी विधानसभा चुनाव के तीन चरण के चुनाव हो चुके हैं और चौथे चरण का मतदान आज किया जा रहा है। बीजेपी यूपी में सत्ता में लौटने के लिए पूरा दम लगा रही है। बीजेपी नेता चुनावी जनसभाओं और टीवी साक्षात्कारज के जरिए लगातार अपनी बात को यूपी की जनता तक पहुंचा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजेपी और गवर्नमेंट में प्रधानमंत्री मोदी के बाद नंबर दो की हैसियत के तौर पर देखे जाने वाले हिंदुस्तान के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी का मुस्लिमों से वही रिश्ता है, जो एक हिंदुस्तान के नागरिक से होना चाहिए।
न्यूज़18 के एक इंटरव्यू में जब शाह से पूछा गया कि बीजेपी ने यूपी में किसी भी मुस्लिम को टिकट क्यों नहीं दिया?
इस प्रश्न पर अमित शाह ने कहा कि चुनाव में वोट कौन देता है, यह भी तो देखना पड़ता है। क्या मुस्लिमों को टिकट नहीं देना आपकी पॉलिटिक्सक की मजबूरी है? इस प्रश्न पर अमित शाह बोले की ये मजबूरी नहीं बल्कि पॉलिटिक्सक शिष्टाचार है।
अमित शाह ने कहा चुनाव जीतना जरूरी है लेकिन जीत के बाद भेदभाव का इल्जाम हो, तब पूछना चाहिए। गवर्नमेंट संविधान से चलती है और गवर्नमेंट को जनता चुनती है। पॉलिटिक्सक प्रकृति तो इसी से जुड़ी है।
कर्नाटक में हिजाब टकराव के प्रश्न पर अमित शाह ने कहा, मेरा निजी तौर पर यह मानना है कि विद्यालय में सभी धर्म के विद्यार्थीों को ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए। मामला अभी न्यायालय में है और इस पर सुनवाई चल रही है। न्यायालय का जो फैसला आएगा, उसे मानना चाहिए। मेरी निजी राय तभी तक होती है, जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आता है, जब न्यायालय का फैसला आ जाएगा तो सभी को स्वीकार करना होगा।
क्या बसपा अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है? इस प्रश्न के उत्तर में शाह ने कहा अभी बसपा की प्रासंगिकता समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा बसपा को वोट मिलेंगे कितनी सीटें मिलेंगी यह नहीं कह सकता। उनका जो जाटव वोट बैंक है, उनके साथ ही रहेगा. मुस्लिम भी बसपा को बड़ी तादाद में वोट करेंगे।
अमित शाह ने कहा कि ब्राह्मण वोट की बात करना मुद्दों से भटकाना है। ओवैसी को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि उनको लेकर युवाओं में आकर्षण है। ओवैसी पर हुए हमले को लेकर अमित शाह ने कहा ओवैसी पर यूपी में हमला कानून व्यवस्था की उपेक्षा नहीं है क्योंकि यदि ऐसा होता तो संदिग्धों को अरैस्ट नहीं किया जाता।
योगी आदित्यनाथ ने यूपी के चुनाव को 80 बनाम 20 बताने के प्रश्न पर अमित शाह ने कहा उन्होंने कि मुझे नहीं लगता ऐसा है। कोई वोट फीसदी के हिसाब से उन्होंने (योगी आदित्यनाथ) कहा होगा। चुनाव में ध्रुवीकरण है लेकिन यह गरीबों का ध्रुवीकरण है।



