के.एम.सी. हॉस्पिटल में कैंसर पर जनजागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने तोड़ी भ्रांतियां

मेरठ।
के.एम.सी. हॉस्पिटल में कैंसर रोगों को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैंसर से जुड़ी आम भ्रांतियों को दूर करते हुए समय पर जांच और उपचार के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.एन. सतपथी एवं डॉ. निधि अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कैंसर कोई भयावह या लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसकी पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए और सही समय पर उचित इलाज शुरू किया जाए।
विशेषज्ञों ने बताया कि के.एम.सी. कैंसर संस्थान में विश्वस्तरीय अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें Vital Beam Linear Accelerator with Robotic IGRT & Rapid Arc, 24 चैनल ब्रेकीथेरेपी, फ्रोजन सेक्शन सहित उन्नत कैंसर सर्जरी, PET-CT, मैमोग्राफी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी एवं टारगेट थेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। इन सुविधाओं की मदद से कई ऐसे जटिल कैंसर रोगियों का सफल उपचार किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान गले व मुंह, स्तन व छाती, फेफड़े तथा बड़ी और छोटी आंत के कैंसर से सफलतापूर्वक उपचारित मरीजों को भी मंच पर बुलाकर उनके अनुभव साझा कराए गए। मरीजों ने बताया कि समय पर जांच और सही मार्गदर्शन से उनका इलाज संभव हो पाया, जिससे अन्य लोगों को भी जागरूकता का संदेश मिला।
इस अवसर पर डॉ. सुनील गुप्ता ने जानकारी दी कि पिछले सात वर्षों में के.एम.सी. कैंसर संस्थान, मेरठ में दूर-दराज के क्षेत्रों से आए हजारों मरीजों को आधुनिक रेडियोथेरेपी एवं समन्वित इलाज के माध्यम से लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल इलाज ही नहीं, बल्कि मरीजों को मानसिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत बनाना है।
विशेषज्ञों ने कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान व शराब से परहेज, स्वस्थ वजन बनाए रखने तथा समय-समय पर स्क्रीनिंग जांच कराने की सलाह दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में के.एम.सी. संस्थान की प्रशासक इंदू रंजना का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों से समाज में कैंसर को लेकर डर कम होगा और लोग समय रहते जांच एवं इलाज के लिए आगे आएंगे।


