इंदिरापुरम में भारत विकास परिषद की राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता और गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन सम्पन्न, जेकेजी विजयनगर ने जीता प्रथम पुरस्कार

गाज़ियाबाद। भारत विकास परिषद (मुख्य शाखा इंदिरापुरम) और संकल्प शाखा इंदिरापुरम द्वारा शनिवार, 30 अगस्त को राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता एवं गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन का आयोजन जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में बड़े उत्साह और गरिमामय माहौल में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् और गणपति स्तुति नृत्य के साथ हुआ। प्रतियोगिता में 12 स्कूलों के बच्चों ने परिषद की पुस्तिका चेतना के स्वर से चयनित एक-एक हिंदी और संस्कृत गीतों को वाद्ययंत्रों के साथ समूहगान रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने पूरा हाल देशभक्ति और ऊर्जा से गूंजा दिया।
भारत वंदे मातरम् और जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान जैसे गीतों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
प्रतियोगिता में विजेता रहे—
- प्रथम पुरस्कार: जेकेजी विजयनगर
- द्वितीय पुरस्कार: जेकेजी इंटरनेशनल इंदिरापुरम
- तृतीय पुरस्कार: सेट एनरडूयज स्कूल इंदिरापुरम
- चतुर्थ पुरस्कार: इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल
कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन आयोजित हुआ, जिसमें विद्यालय प्रबंधकों द्वारा चयनित श्रेष्ठ छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का अभिनंदन किया गया। उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर पवन गौतम, राष्ट्रीय संस्कार कार्यकारिणी सदस्य ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से शिक्षा और संस्कारों का संगम मजबूत होता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में जेकेजी स्कूल ग्रुप चेयरमैन जेके गौड़ उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से इस कार्यक्रम से जुड़े हैं और इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी मानते हैं।
प्रसिद्ध उद्योगपति गौरव मित्तल ने परिषद के प्रकल्पों को समाज के लिए उपयोगी बताया।
निर्णायक मंडल में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त संगीतकार अजय झा, प्रसिद्ध भजन गायक रजत मित्तल और संस्कृति मंत्रालय से पुरस्कृत दामिनी गुप्ता शामिल रहीं।
क्षेत्रीय महासचिव (NCR-1) राजीव गोयल ने दोनों शाखाओं के संयुक्त प्रयास की सराहना की, जबकि क्षेत्रीय संयोजिका (महिला सहभागिता) इंदू वार्ष्णेय ने गीतों के माध्यम से संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन परिषद की मातृशक्ति और पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


