श्रवण मास के पावन अवसर पर शिवांगी संगीत महाविद्यालय में मासिक सांस्कृतिक संध्या “शिवाय” का भव्य आयोजन

मेरठ, 30 जुलाई 2025: गांधी नगर, गढ़ रोड स्थित शिवांगी संगीत महाविद्यालय में श्रवण मास के अंतर्गत मासिक सांस्कृतिक संध्या “शिवाय” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के उदीयमान कलाकारों ने संगीत और नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के अध्यक्ष राजेश शर्मा द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान की निदेशिका ऋचा शर्मा ने सभी उपस्थित जनों को श्रवण मास की शुभकामनाएं दीं एवं छात्र-छात्राओं के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
मुख्य प्रस्तुतियाँ इस प्रकार रहीं:
- सरस्वती वंदना: “वीणावादिनी वर दे” की राग बागेश्री में निबद्ध गायन प्रस्तुति वियोम, मृत्युंजय एवं वंश द्वारा दी गई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया।
- कथक नृत्य – “वक्रतुंड महाकाय”: भगवान गणेश को समर्पित यह प्रस्तुति संस्थान की नन्ही छात्राओं नव्या, आराध्य चौधरी, आराध्य रस्तोगी, गौरांशी, अनायता सुमानी, अविका, मीरा और मायरा कोठीवाल द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें भाव, मुद्राएं और ताल का अद्भुत संगम देखने को मिला।
- कथक प्रस्तुति (ताल तीनताल): छात्राओं ईवा त्यागी और अविषी बाटला ने ठाट, उठान, आमद, परन और तिहाई की खूबसूरत प्रस्तुति दी, जो दर्शकों को ताल-लय की गहराइयों में ले गई।
- एकल नृत्य प्रस्तुति – शिव रुद्राष्टकम: छात्रा भक्ति पवार ने तीनताल में शिव रुद्राष्टकम की प्रस्तुति देकर शिवमयी वातावरण का सृजन किया।
- शिव तांडव स्तोत्र: राग मालकौंस में निबद्ध ध्रुपद शैली में प्रस्तुत वियोम, मृत्युंजय एवं ब्रायन की गायन प्रस्तुति ने शिव के तांडव रूप की अनुभूति कराई।
कार्यक्रम में संगीत निर्देशन की भूमिका में प्रधानाचार्य राजा बलूनी , नृत्य संरचना में कत्थक गुरु रुचि बलूनी , तबले पर मोहम्मद फारूक और हारमोनियम पर मोहम्मद शाहबाज़ रहे। मंच संचालन आयुश्री गुप्ता ने किया।
इस आयोजन में मंजु शर्मा, इंदु पालीवाल, ईप्सा नरूला, गुन, कीर्ति और प्रतीक्षा का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना की गई और यह संध्या श्रवण मास की आध्यात्मिकता और कला की सौम्यता का अद्भुत संगम बनकर सबके हृदय में बस गई।


