शहीद अग्निवीर ललित कुमार को नम आंखों से अंतिम विदाई, गांव पस्तरा में उमड़ा जनसैलाब
मेरठ: देश की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूंछ सेक्टर में 25 जुलाई को हुए ब्लास्ट में शहीद हुए मेरठ के वीर सपूत अग्निवीर ललित कुमार को आज उनके पैतृक गांव पस्तरा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रविवार सुबह जब तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया। हर आंख नम थी, हर दिल गर्व और शोक से भरा हुआ।
ललित के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही ‘भारत माता की जय’, ‘ललित अमर रहे’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, ललित तेरा नाम रहेगा’ जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। हजारों की संख्या में ग्रामीण, युवा, पूर्व सैनिक, स्कूल के बच्चे और जनप्रतिनिधि अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। सड़कों के दोनों ओर लोगों की कतारें लगी थीं, जो अपने लाल को अंतिम सलामी देने को खड़े थे।
मां की ममता और टूटता हौसला
शहीद ललित की मां का हाल देख हर किसी की आंखें छलक आईं। अपने बेटे के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर से लिपटकर वे बिलख-बिलख कर रोने लगीं। उनका करूण क्रंदन पूरे गांव को भावविभोर कर गया। गांव की महिलाओं ने उन्हें ढांढस बंधाया, लेकिन एक मां के दिल का दर्द शब्दों में नहीं बंध सका।
सैन्य सम्मान और शौर्य की सलामी
भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट के जवानों ने शहीद को 21 तोपों की सलामी के साथ अंतिम विदाई दी। उनके सम्मान में पूरा गांव झुक गया। शहीद ललित का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट पर हुआ, जहां उनके बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। पूरा गांव इस दृश्य को देखकर गर्व और ग़म के भावों में डूबा नजर आया।
वीरता की मिसाल
अग्निवीर ललित कुमार, तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और पिछले साल ही सेना में भर्ती हुए थे। कम उम्र में देशभक्ति का जज्बा लिए सेना की वर्दी पहनी थी और अब अपनी पहली ही तैनाती में देश के लिए शहादत का सर्वोच्च बलिदान देकर अमर हो गए।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उपस्थिति
अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
ललित की शहादत — प्रेरणा का प्रतीक
गांव के युवाओं ने कहा कि ललित भैया की शहादत हम सबके लिए प्रेरणा है। उनके बलिदान को हम व्यर्थ नहीं जाने देंगे। कई युवाओं ने सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प भी लिया।
देश को अपने लाल ललित पर गर्व है। उनका नाम आने वाली पीढ़ियों के लिए वीरता, कर्तव्य और देशभक्ति की मिसाल बना रहेगा।



