मेरठ में सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी के ‘जश्न’ पर बवाल, पार्टी प्रमुख के निर्देशों की अवहेलना बनी विवाद का कारण
✍️ लोकल पोस्ट संवाददाता | मेरठ | 15 जून 2025
समाजवादी पार्टी मेरठ इकाई के जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी इस समय विवादों के घेरे में हैं। शनिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित जिला कार्यकारिणी की बैठक के दौरान उनके दो साल के कार्यकाल पूर्ण होने पर केक काटकर जश्न मनाया गया, लेकिन यह आयोजन अब पार्टी अनुशासन और संवेदनशीलता के विरुद्ध माना जा रहा है।
दरअसल, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में अहमदाबाद विमान हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए तीन दिनों के लिए सभी पार्टी कार्यक्रम स्थगित करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, मेरठ पार्टी कार्यालय में यह जश्ननुमा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
पार्टी लाइन से अलग हुआ यह ‘जश्न’
कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, पूर्व मंत्री प्रभुदयाल, कर्मवीर गुर्जर, और कई महिला नेत्रियों सहित सपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने विपिन चौधरी को उनके कार्यकाल की बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। केक काटते हुए तस्वीरें और वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं, जो पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के उलट देखी जा रही हैं।
अखिलेश यादव हैं अब भी शोकाकुल
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव अब भी विमान हादसे से मर्माहत हैं और उन्होंने पार्टी स्तर पर तीन दिन का मौन और सादगीपूर्ण आचरण अपनाने की अपील की थी। ऐसे में मेरठ में हुआ यह आयोजन पार्टी की भावनाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी में उठ सकते हैं सवाल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम को लेकर सपा नेतृत्व नाराज़गी जाहिर कर सकता है। यह पहली बार नहीं है जब विपिन चौधरी अपने कार्यकाल को लेकर विवादों में आए हों। हालांकि, अभी तक पार्टी स्तर पर इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन आंतरिक नाराज़गी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जश्न या चूक?
समर्थक जहां इसे एक सफल कार्यकाल का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि पार्टी के दुख की घड़ी में ऐसा उत्सव अशोभनीय और असंवेदनशील प्रतीत होता है।
अब देखना यह होगा कि क्या पार्टी नेतृत्व इस घटनाक्रम पर कोई आंतरिक कार्रवाई या चेतावनी जारी करता है या इसे एक ‘अनजाने में हुई चूक’ मानकर नजरअंदाज़ करता है।


