मेरठ में आयोजित ‘कथक कार्यशाला’ में जयपुर घराने की महक

मेरठ: गांधी नगर, गढ़ रोड स्थित शिवांगी संगीत महाविद्यालय में शनिवार को ‘कथक कार्यशाला’ का आयोजन हुआ। इस विशेष कार्यशाला का निर्देशन जयपुर घराने के मशाल वाहक पंडित राजेंद्र गंगानी जी के सुपुत्र एवं शिष्य, संजीत गंगानी ने किया।
संजीत गंगानी, जो देश-विदेश में अपनी प्रस्तुतियों से ख्याति प्राप्त कर चुके हैं, अपने चमत्कारिक हस्तकों और पद संचालन के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने इस कार्यशाला में उपस्थित छात्रों को जयपुर घराने के इतिहास और परंपराओं से अवगत कराया, साथ ही निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर दिया।
कार्यशाला का शुभारंभ शिवांगी संगीत महाविद्यालय के अध्यक्ष राजेश शर्मा और संजीत गंगानी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर संस्थान की निदेशिका ऋचा शर्मा ने संजीत गंगानी का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को जीवन को अनुशासित, कलात्मक, उन्नत और विकसित बनाने की प्रेरणा देना है। इसी दिशा में संगीत कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, ताकि हमारी सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति नई पीढ़ी का रुझान बढ़ सके।
संजीत गंगानी ने कार्यशाला में छात्रों को जयपुर घराने की परंपराओं से रूबरू कराते हुए घराने की विशेषताओं, पारंपरिक बंदिशों, और कथक के विभिन्न अंगों जैसे तोड़े, टुकड़े, परन, तिहाई, और लड़ी का परिचय दिया। उन्होंने विशेष रूप से इस घराने के कठिन अंगों और लय के साथ अंग की खूबसूरती बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यशाला में उपस्थित छात्रों ने संजीत गंगानी के निर्देशन में कथक की बारीकियों को समझा और उनका अभ्यास किया। इस कार्यशाला ने न केवल छात्रों को कथक के नए आयामों से परिचित कराया बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा भी दी।



