मेडिकल कॉलेज मेरठ में पहली बार सफलतापूर्वक की गई कैरोटिड एंजियोग्राफी

- मेडिकल कॉलेज मेरठ में पहली बार कैरोटिड एंजियोग्राफी सफलतापूर्वक की गई।
- यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसी भी सरकारी संस्थान या सरकारी अस्पताल में पहली बार की गई जांच है।
- यह जांच मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के कारणों का पता लगाने में सहायक है।
- आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह जांच निःशुल्क, अन्य मरीजों के लिए 7,100 रुपये में उपलब्ध।
मेरठ: प्रधानाचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज मेरठ लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी क्रम में, लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ के न्यूरोलॉजी विभाग में पहली बार सफलतापूर्वक कैरोटिड एंजियोग्राफी की गई है। यह विशेष जांच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसी भी सरकारी संस्थान या सरकारी अस्पताल में पहली बार की गई है।
कैरोटिड एंजियोग्राफी एक विशेष प्रकार की एक्स-रे जांच है जो मस्तिष्क से जुड़ी धमनियों, विशेष रूप से ग्रीवा धमनियों की विस्तृत तस्वीरें प्रदान करती है। यह जांच मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के कारणों का पता लगाने में अत्यंत उपयोगी है।
इस जांच के माध्यम से ग्रीवा धमनियों की बनावट, सिकुड़न, रक्त प्रवाह, रक्त के थक्के, साइनस ट्यूमर, अन्य नसों का गलत जुड़ना आदि का पता लगाया जा सकता है।
न्यूरोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका सागर ने बताया कि इस विशेष जांच के द्वारा स्ट्रोक होने की संभावनाओं के खतरों का भी पता लगाया जा सकेगा।
इस जांच के लिए पहले मरीजों को दिल्ली या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। निजी अस्पतालों में यह जांच 15,000 से 20,000 रुपये तक में होती है, लेकिन अब यह जांच मेडिकल कॉलेज मेरठ में उपलब्ध है।
आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह जांच निःशुल्क है और अन्य मरीजों के लिए यह जांच सरकारी दरों पर 7,100 रुपये में उपलब्ध है।
यह जांच मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका सागर द्वारा की गई। मरीज अफसर अली, निवासी अमरोहा, को करीब 10 दिन पहले लकवा की बीमारी हुई थी, जिससे उनके मस्तिष्क के अंदर खून का थक्का जम गया था। वह चलने-फिरने, खाने-पीने में असमर्थ थे।
इस विशेष जांच द्वारा उनकी गर्दन की दोनों तरफ की खून की नसों के रक्त प्रवाह को देखा गया।
इस विशेष जांच को करने में कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज सोनी का विशेष सहयोग रहा और अन्य स्टाफ द्वारा भी सहयोग दिया गया।
प्रधानाचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता ने न्यूरोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका सागर को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

