हमारी चुप्पी और हमारा वोट- एक जागरूक नागरिक की अपील
राजनगर एक्सटेंशन | गाजियाबाद : लगभग दो लाख की आबादी वाले राजनगर एक्सटेंशन में आज सबसे बड़ी समस्या सड़क, सीवर या ट्रैफिक नहीं, बल्कि हमारी कमजोर लोकतांत्रिक भागीदारी बन चुकी है। हालिया एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बाद इस पूरे क्षेत्र में केवल 18,000 मतदाता ही पंजीकृत रह गए हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक सिर्फ करीब 10,000 नए वोटर ही और जोड़े जा सके हैं।
यह आंकड़ा केवल चिंता का विषय नहीं है, बल्कि यह हम सभी के लिए आत्ममंथन का विषय भी है। हम यहीं रहते हैं, यहीं काम करते हैं, यहीं अपने बच्चों का भविष्य बनाते हैं, लेकिन जब वोटर बनने या मतदान की जिम्मेदारी निभाने की बात आती है, तो या तो अपने मूल शहर चले जाते हैं या फिर वोट डालने से ही दूरी बना लेते हैं।
इसके बाद यही सवाल उठता है, “हमारे इलाके में विकास क्यों नहीं होता?”
अब भी समय है – आज ही कदम उठाइए
राजनगर एक्सटेंशन के सभी निवासियों से अपील है कि :
- यदि आपने अभी तक अपना वोट यहां ट्रांसफर नहीं कराया है, या
- नया मतदाता पंजीकरण नहीं कराया है,
तो अब भी मौका है। अपने बूथ के BLO (Booth Level Officer) से संपर्क करें, मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं, और अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग सुनिश्चित करें।
एक लाख वोटर… और बदलेगा राजनगर एक्सटेंशन
याद रखिए—जिस दिन राजनगर एक्सटेंशन में एक लाख पंजीकृत मतदाता हो जाएंगे, उस दिन यह क्षेत्र किसी भी राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकता सूची से बाहर नहीं रह सकेगा।
सड़कें, सुरक्षा व्यवस्था, पार्क, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाएं – सब पर उसका सीधा असर दिखाई देगा।
🗳️ वोट केवल अधिकार नहीं, आपके क्षेत्र के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।
अब भी समय है – नींद से जागिए।
दीपांशु मित्तल,
(राजनगर एक्सटेंशन निवासी)

