सावन के तीसरे सोमवार पर दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धा का सैलाब, भक्तों ने किया जलाभिषेक

गाजियाबाद। सावन मास के तीसरे सोमवार को गाजियाबाद स्थित सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा दूधेश्वर के दर्शन-पूजन और गंगाजल से अभिषेक कर पुण्य अर्जित किया।
श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार रात 10 बजे से ही मंदिर में जुटने लगी थी। रात के एक बजे मंदिर के कपाट जैसे ही भक्तों के लिए खोले गए, चारों ओर “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजने लगे। मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास का पूरा इलाका शिवमय हो गया।
सबसे पहले मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज, जो श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं, ने भगवान शिव का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने सान्निध्य में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।


मंदिर के मीडिया प्रभारी एस.आर. सुथार ने जानकारी दी कि प्रातः 3 बजे भगवान दूधेश्वर नाथ का भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा धूप आरती व दीप आरती की गई। भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए और फिर जलाभिषेक का क्रम दिनभर चलता रहा।
पूरे दिन श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारों में प्रतीक्षा करनी पड़ी, लेकिन किसी के चेहरे पर थकावट नहीं थी—हर कोई भक्ति में लीन था और ॐ नमः शिवाय का जाप कर रहा था।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सावन का हर सोमवार महत्वपूर्ण होता है, लेकिन तीसरे सोमवार को शिव आराधना का विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन कालसर्प दोष, पितृदोष और अन्य ग्रह दोषों का निवारण होता है। उन्होंने बताया कि ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप इस दिन विशेष रूप से फलदायी होता है और शिव कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
शिवभक्ति और आस्था से सराबोर इस आयोजन में हर आयु वर्ग के भक्तों ने हिस्सा लिया और बाबा दूधेश्वर से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को शिवमय बनाया।

