राजनगर एक्सटेंशन की सोसाइटी में एओए बैठक को लेकर विवाद, निवासियों ने उठाए कई मुद्दे

गाजियाबाद, रविवार। राजनगर एक्सटेंशन स्थित औरा कायमेरा सोसाइटी में रविवार को एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) की जनरल बॉडी बैठक आयोजित की गई। हालांकि, बैठक को लेकर विवाद की स्थिति भी सामने आई, जहां कुछ निवासियों के समूह ने बैठक का बहिष्कार करते हुए विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
जानकारी के अनुसार, सोसाइटी के कुछ निवासियों के समूह “टीम सक्षम” ने बैठक में शामिल न होकर अलग से बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता राहुल त्यागी (पहलवान) ने की। समूह का कहना था कि जनरल बॉडी बैठक की सूचना निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप नहीं दी गई। उनके अनुसार, बैठक की सूचना 20 मार्च को जारी की गई, जबकि बैठक 22 मार्च को आयोजित की गई, जो बायलॉज के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
हालांकि, एओए की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निवासियों ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
टीम सक्षम की बैठक में उपस्थित निवासियों ने सोसाइटी से जुड़ी कई समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इनमें विद्युत सुरक्षा, फायर सेफ्टी, प्रशासनिक पारदर्शिता और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में कई स्थानों पर खुले बिजली के तार और वायरिंग शाफ्ट हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से जोखिमपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा फायर सेफ्टी मानकों को लेकर भी चिंता जताई गई। कुछ निवासियों ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान कमियां सामने आई थीं, जिन पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
प्रशासनिक और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए गए। निवासियों के एक वर्ग का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऑडिट और मेंटेनेंस से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की गई है। वहीं, चुनावी प्रक्रिया और दस्तावेजों को लेकर भी स्पष्टता की मांग की गई।
अन्य समस्याओं पर भी चर्चा
बैठक में लिफ्टों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता जैसे मुद्दे भी उठाए गए। कुछ निवासियों ने बताया कि सुरक्षा गार्डों की संख्या अक्सर निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होती, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन को लेकर निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
विभागों से हस्तक्षेप की मांग
निवासियों ने संबंधित विभागों -जैसे विद्युत विभाग, फायर विभाग, उप-निबंधक कार्यालय, जीडीए और रेरा – से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
फिलहाल, पूरे मामले को लेकर सोसाइटी में अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। एओए की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



