यूजीसी बिल के विरोध में राजनगर एक्सटेंशन से आंदोलन की शुरुआत, सवर्ण समाज की पहली बैठक में उभरा भारी आक्रोश

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में यूजीसी बिल के विरोध को लेकर आंदोलन की औपचारिक शुरुआत हो गई है। भगवान परशुराम सेवा न्यास ट्रस्ट के बैनर तले एवं अन्य सवर्ण सामाजिक संगठनों के सहयोग से सवर्ण समाज की एक प्रथम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों में सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी बिल के संशोधनों को लेकर गहरा रोष और असंतोष देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यह निर्णय लिया कि जब तक सरकार यूजीसी बिल से संबंधित संशोधनों को पूर्ण रूप से वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन को लंबे समय तक और लगातार चलाया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे व्यापक स्वरूप देते हुए आने वाले दिनों में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए निकट भविष्य में विभिन्न माध्यमों से University Grants Commission से जुड़े प्रस्तावित बिल के खिलाफ संगठित रूप से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
जल्द होगा बड़े आंदोलन का ऐलान
बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा तथा सामाजिक और शैक्षणिक हितों से जुड़े लोगों को इस विरोध में सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यूजीसी बिल के संशोधन शिक्षा व्यवस्था और समाज के व्यापक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए इसे लेकर जन-जागरूकता और लोकतांत्रिक विरोध आवश्यक है।
इन प्रमुख लोगों की रही मौजूदगी
बैठक में मुख्य रूप से विजेंद्र विद्रोही, राजन त्रिपाठी, अनुज शर्मा, अभिषेक मैत्रेय, राजेश तिवारी, नितिन शर्मा, अमित शर्मा, अरविंद, अभिषेक, अमित गुप्ता और अनिल शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि आगामी दिनों में आंदोलन की रूपरेखा, कार्यक्रम और रणनीति को सार्वजनिक किया जाएगा।

