मेरठ: ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बैंक शाखा प्रबंधकों का प्रशिक्षण

- दीनदयाल अंतोदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत बैंक शाखा प्रबंधकों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन
- सीडीओ नूपुर गोयल ने कार्यशाला का शुभारंभ किया
- उपायुक्त स्वतः रोजगार बब्बन राय ने योजना के तहत प्रगति का विवरण दिया
- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मास्टर सरकुलर और एनआरएलएम की बैंक से संबंधित प्रक्रियाओं पर जानकारी दी गई
- राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकरों और कर्मियों को सम्मानित किया गया
मेरठ : आज दिनांक 8 जुलाई, 2024 को, दीनदयाल अंतोदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत, जनपद मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों के बैंक शाखा प्रबंधकों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विकास भवन सभागार, कचहरी परिसर, मेरठ में आयोजित की गई थी।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नूपुर गोयल के निर्देशन में किया गया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उपायुक्त स्वतः रोजगार, बब्बन राय ने जनपद मेरठ में योजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों और उनके संगठनों द्वारा आजीविका के क्षेत्र में की गई प्रगति का विवरण दिया। उन्होंने बैंकों द्वारा वित्त उपलब्धता में किए गए महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया। राय ने एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों) को कम करने और उन्हें समाप्त करने पर जोर दिया और बैंकों से सामुदायिक संस्थाओं को सहयोग करने की अपेक्षा जताई।
इस कार्यशाला में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी मास्टर सरकुलर और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बैंक से संबंधित प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। स्वयं सहायता समूह के सदस्यों और बैंक शाखा प्रबंधकों को आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान, हैदराबाद के नेशनल रिसोर्स पर्सन, रमेश अरोरा और ईश्वर सिंह ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया और उनके प्रश्नों का उत्तर दिया।
कार्यशाला के समापन पर, उपायुक्त स्वतः रोजगार बब्बन राय और नव-नियुक्त उपायुक्त अनय मिश्रा ने संयुक्त रूप से वित्तीय वर्ष 2023-24 में मिशन निदेशालय द्वारा जनपद को आवंटित वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिभागी बैंकरों को प्रेरित किया। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकरों, जनपद स्तरीय कर्मियों, ब्लॉक स्तरीय कर्मियों और बैंक सखियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
यह उन्मुखीकरण कार्यशाला ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह कार्यशाला ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



