न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष ने किया नमो भारत कॉरिडोर का दौरा, एनसीआरटीसी के प्रयासों की सराहना

गाजियाबाद/नई दिल्ली। न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की अध्यक्ष सुश्री डिल्मा रूसेफ़ ने सोमवार, 9 मार्च 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एनसीआरटीसी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) द्वारा विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक क्षेत्रीय परिवहन तंत्र और “नेटवर्क ऑफ नेटवर्क्स” की अवधारणा की सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत एनसीआरटीसी की निदेशक (वित्त) श्रीमती नमिता मेहरोत्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। दौरे की शुरुआत सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से हुई, जो इस कॉरिडोर का प्रारंभिक स्टेशन है। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) नमो भारत की समग्र परिकल्पना, उन्नत तकनीकों और परियोजना में किए गए नवाचारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
सराय काले खां स्टेशन को एक प्रमुख मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, सिटी बस सेवाओं और रिंग रोड से सहज कनेक्टिविटी प्रदान करता है। प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन के एकीकृत डिजाइन और विभिन्न सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के बीच यात्रियों के निर्बाध आवागमन की सुविधा का प्रत्यक्ष अनुभव किया। अधिकारियों ने बताया कि फेज़-1 के तीनों प्राथमिकता वाले नमो भारत कॉरिडोर भविष्य में सराय काले खां पर एकीकृत और इंटरऑपरेबल होंगे।
एनसीआरटीसी अधिकारियों ने बताया कि मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) इस परियोजना का प्रमुख सिद्धांत है। नमो भारत स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे मौजूदा सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों से जुड़ सकें, जिससे भविष्य में एक विशाल “नेटवर्क ऑफ नेटवर्क्स” तैयार होगा। इससे यात्रियों को विभिन्न परिवहन प्रणालियों के बीच सहज आवाजाही मिलेगी और निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां से आनंद विहार और वहां से वापसी की यात्रा नमो भारत ट्रेन में की। इस दौरान उन्होंने ट्रेनों के यात्री-केंद्रित डिजाइन और स्टेशनों पर उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का अनुभव किया। आनंद विहार स्टेशन पर मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन के प्रयासों को देखकर प्रतिनिधिमंडल ने इसकी सराहना की।
सुश्री रूसेफ़ ने नमो भारत ट्रेनों और स्टेशनों के समावेशी डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरे सिस्टम में सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्हें एनसीआरटीसी के जेंडर-इनक्लूसिव परिचालन मॉडल के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने महिला ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन कंट्रोलरों से संवाद किया और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2026 को संपूर्ण दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया था। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहरी गतिशीलता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।



