गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक: 4 साल के मासूम पर झुंड ने किया हमला, सिर पर लगे 36 टांके
गाजियाबाद। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कानावनी गांव के पास बनी झुग्गी-बस्ती से सामने आया है, जहां 4 साल के मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर पर 36 टांके लगाने पड़े। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
खेलते समय घेरा, बुरी तरह नोच-खाया
परिजनों के अनुसार, बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक कई आवारा कुत्ते वहां पहुंच गए। कुत्तों ने मासूम को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह शोर मचाकर कुत्तों को भगाया और बच्चे को बचाया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
बच्चे के पिता विशंभर ने बताया, “मेरा बेटा सिर्फ 4 साल का है। वह घर के बाहर खेल रहा था कि अचानक आवारा कुत्तों का झुंड आ गया। उन्होंने बच्चे पर जमकर हमला किया। बच्चे के सिर पर गंभीर चोट आई है और डॉक्टरों ने 36 टांके लगाए हैं। पूरा परिवार सदमे में है। हम जैसे गरीब लोग दिन-रात मजदूरी करके गुजारा करते हैं, लेकिन अब बच्चे को लेकर डर लगता है कि कब फिर कोई कुत्ता हमला कर देगा।”
जिले में बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले
यह घटना किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। गाजियाबाद में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में जिलेभर में 1.38 लाख से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए। इसका मतलब है कि हर महीने औसतन 10 हजार से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार बने।
इनमें से कई मामले गंभीर रहे, जहां पीड़ितों को कई टांके लगाने पड़े और रेबीज का खतरा भी बना रहा।
लोगों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि झुग्गी-बस्तियों और कॉलोनियों के आसपास कुत्तों के झुंड सक्रिय रहते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की रोकथाम के लिए ठोस और तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



