अटल जयंती पर राष्ट्रनायक को नमन: गौड़ कास्केड्स में भाजपा बूथ टीम ने मनाया अटल बिहारी वाजपेई का 101वां जन्मदिवस

गाजियाबाद/राजनगर एक्सटेंशन।
महान राष्ट्रवादी, प्रखर वक्ता और भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी का 101वां जन्मदिवस बुधवार को राजनगर एक्सटेंशन स्थित गौड़ कास्केड्स सोसाइटी में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बूथ संख्या 1129 की भाजपा बूथ स्तरीय टीम ने सोसाइटी के निवासियों के साथ अटल जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके विचारों और योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम का आयोजन बूथ अध्यक्ष अनुज शर्मा के नेतृत्व में किया गया। इसमें बूथ टीम के सदस्य संजीव मलिक, निधि शर्मा, नवनीत कुमार, मदन मोहन विज, राजेन्द्र बहल, अनुज राठी, मिली श्रीवास्तव, विजय सिंह, अंजू मलिक, शोभित गोयल, वरुण, राज उपाध्याय, हरीश नेहरा, एस.के. सिन्हा सहित बड़ी संख्या में सोसाइटी निवासी शामिल हुए। कार्यक्रम महानगर भाजपा अध्यक्ष मयंक गोयल एवं मंडल अध्यक्ष हेमन्त त्यागी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेई जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे, जिन्होंने विचारधारा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। अटल जी न केवल कुशल प्रशासक थे, बल्कि एक संवेदनशील कवि, ओजस्वी वक्ता और सहमति की राजनीति के प्रतीक भी थे।

कार्यक्रम में अटल जी के योगदान को याद करते हुए बताया गया कि उनके कार्यकाल में भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर वैश्विक मंच पर अपनी सामरिक क्षमता का परिचय दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना और स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी योजनाओं ने देश की आधारभूत संरचना को नई दिशा दी। उन्होंने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” का नारा देकर विज्ञान और तकनीक को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। इसके साथ ही लाहौर बस यात्रा के माध्यम से शांति और संवाद की पहल भी उनकी दूरदर्शिता का उदाहरण मानी जाती है।
वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है, एक ऐसा नेतृत्व जो संवाद, सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करता था। कार्यक्रम के दौरान उनके चुनिंदा विचारों और कविताओं का पाठ भी किया गया, जिससे माहौल भावपूर्ण बन गया।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अटल जी के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।



