विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज मेरठ में सीएमई कार्यक्रम का आयोजन, जन-जागरूकता पर रहा विशेष फोकस

मेरठ: विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लाला लाजपत राय मेमोरियल (एलएलआरएम) मेडिकल कॉलेज, मेरठ में नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) के अंतर्गत मेडिसिन विभाग द्वारा एक भव्य सीएमई (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य था—हेपेटाइटिस रोग के प्रति जन-जागरूकता फैलाना, रोकथाम के उपायों की जानकारी देना और इसके प्रभावी प्रबंधन पर प्रकाश डालना।
पोस्टर प्रतियोगिता से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत एमबीबीएस यूजी छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता से हुई जिसमें चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी थीमों पर छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाया।
प्रतियोगिता में—
- प्रथम स्थान: हर्ष सैनी और हिमांशी शर्मा
- द्वितीय स्थान: कोमल शर्मा और मोहम्मद तालिब
- तृतीय स्थान: विवेक और शिवानी गुप्ता ने प्राप्त किया।
ओपीडी में चला जन-जागरूकता अभियान
हेपेटाइटिस की रोकथाम व उपचार को लेकर मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (OBGY) तथा हेपेटाइटिस क्लिनिक में जन-जागरूकता शिविर भी आयोजित किए गए। मरीजों व आगंतुकों को हेपेटाइटिस के लक्षण, परीक्षण, टीकाकरण, प्रसव पूर्व सावधानियां और उपचार के विकल्पों पर व्यापक जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने रखे विचार
सीएमई सत्र में प्रो. डॉ. अरविंद कुमार (नोडल अधिकारी, हेपेटाइटिस क्लिनिक), एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्नेहलता वर्मा और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रचना सेमवाल ने हेपेटाइटिस प्रबंधन और इम्यूनोग्लोब्युलिन्स की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और इलाज से हेपेटाइटिस सी पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है, वहीं हेपेटाइटिस बी की रोकथाम नवजात को जन्म के तुरंत बाद टीकाकरण द्वारा संभव है।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
मुख्य अतिथि के रूप में एसवीबीपी अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज राज बालियान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. योगिता सिंह (विभागाध्यक्ष, मेडिसिन) ने की।
अन्य प्रमुख उपस्थिति में शामिल रहे—
- डॉ. आभा गुप्ता, डॉ. संध्या गौतम, डॉ. श्वेता शर्मा (आचार्य, मेडिसिन)
- डॉ. शकुन सिंह (विभागाध्यक्ष, OBGY)
- डॉ. अनुपमा वर्मा (विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक्स)
- डॉ. प्रीति सिंह
- डॉ. नेहा सिंह (विभागाध्यक्ष, ब्लड ट्रांसफ्यूजन एवं इम्यूनोलॉजी)
जागरूकता के मुख्य बिंदु:
- हेपेटाइटिस A, B, C और E के संक्रमण के कारण व बचाव के उपाय बताए गए।
- संक्रमित मां से बच्चे को बचाने के लिए जन्म के 12 घंटे के भीतर HBIG देना आवश्यक बताया गया।
- हेपेटाइटिस बी की रोकथाम के लिए नवजात को तुरंत टीका लगवाना जरूरी।
- हेपेटाइटिस सी का इलाज अब 95% मामलों में संभव है।
- फैमिली हिस्ट्री होने पर नियमित जांच कराना आवश्यक।
कार्यक्रम के समापन पर सभी डॉक्टरों और प्रतिभागियों को जागरूकता की इस मुहिम को समाज तक ले जाने का आह्वान किया गया।

