चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में दीक्षा समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को दिया संस्कार और सेवा का संदेश

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य दीक्षा समारोह में ज्ञान, परंपरा और प्रेरणा का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह की शोभा बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा और नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला पवित्र स्थल है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और समाज सुधार में करें।
समारोह के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने नवाचार और शोध को ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की कुंजी बताया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि राज्य में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को आधुनिक तकनीक, शोध संसाधन और बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं।
दीक्षा समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसरगण, विभिन्न संकायों के डीन, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे। मंच से प्रेरक भाषणों ने विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा बल्कि जीवन में अनुशासन, मूल्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी का महत्व भी समझाया।
इस भव्य समारोह में दीक्षांत वस्त्र धारण किए विद्यार्थियों ने अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की और राष्ट्र एवं समाज की सेवा के संकल्प के साथ उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाया।


